संदेश
ए) राजस्व कार्य (Revenue Functions)
1. लाइसेंस और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क मूल्यांकन / कटौती सत्यापन / संग्रहण:
क. लाइसेंस शुल्क संग्रहण: नियंत्रक संचार लेखा कार्यालय, झारखंड विभिन्न दूरसंचार सेवाओं के सभी लाइसेंसधारियों से लाइसेंस शुल्क के संग्रहण के लिए जिम्मेदार है, जैसे: सेलुलर, बेसिक, यूनिफाइड एक्सेस सर्विस (Unified License), एनएलडी (NLD), आईएलडी (ILD), वाणिज्यिक वीसैट (VSAT), पीएमआरटीएस (PMRTS) सेवाएं और इंटरनेट सेवा प्रदाता (टेलीफोनी के साथ और बिना)।
ख. दस्तावेजों की जांच और कटौतियों का सत्यापन: नियंत्रक संचार लेखा कार्यालय, झारखंड लाइसेंसधारियों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच के लिए भी उत्तरदायी है। यह एजीआर (AGR) विवरणों, हलफनामों और UASL, UL एवं CMTS ऑपरेटरों द्वारा दावा की गई कटौतियों को सत्यापित और पुष्ट करता है।
ग. बैंक गारंटी: नियंत्रक संचार लेखा कार्यालय, झारखंड इंटरनेट सेवा प्रदाताओं के प्रदर्शन (Performance) और वित्तीय (Financial) बैंक गारंटी का रखरखाव करता है। यह संबंधित लाइसेंस समझौतों के नियमों और शर्तों के अनुसार उनकी वैधता, पर्याप्तता और नवीनीकरण सुनिश्चित करता है।
घ. लाइसेंस शुल्क का निर्धारण और गणना: नियंत्रक संचार लेखा कार्यालय, झारखंड ILD, NLD, वाणिज्यिक VSAT, PMRTS और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं के लिए ऑडिटेड वार्षिक खातों और लाइसेंसधारियों द्वारा प्रस्तुत अन्य वित्तीय विवरणों के आधार पर लाइसेंस शुल्क के निर्धारण का कार्य करता है।
ङ. स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क: नियंत्रक संचार लेखा कार्यालय, झारखंड को GSM और CDMA सेवा प्रदाताओं से संबंधित स्पेक्ट्रम शुल्क के संग्रहण का कार्य सौंपा गया है।
2. (DBN) अनुभाग के कार्य एवं भूमिका
क. पृष्ठभूमि एवं योजना निगरानी: डिजिटल भारत निधि (पूर्व में USOF), जिसकी स्थापना 1 अप्रैल 2002 को हुई, का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करना है। CCA झारखंड का DBN अनुभाग विभिन्न संचार योजनाओं की क्षेत्रीय निगरानी एवं सुचारू क्रियान्वयन सुनिश्चित करता है।
ख. निधि प्रबंधन एवं दावा सत्यापन: DBN अनुभाग विभिन्न परियोजनाओं के अंतर्गत निधियों के संवितरण तथा दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के सब्सिडी दावों का भुगतान से पूर्व गहन एवं सूक्ष्म सत्यापन करता है।
ग. भौतिक निरीक्षण एवं प्रामाणिकता: DBN अनुभाग द्वारा दूरसंचार बुनियादी ढांचे का नियमित भौतिक निरीक्षण एवं निगरानी की जाती है, ताकि सेवाओं की गुणवत्ता, निरंतरता तथा सरकारी निधियों के उचित उपयोग को सुनिश्चित किया जा सके।
बी) वैधानिक कार्य (Statutory Functions)
पेंशन: नियंत्रक संचार लेखा कार्यालय, झारखंड अपने अधिकार क्षेत्र के सरकारी और BSNL सेवानिवृत्त कर्मियों के पेंशन बजट, सेवानिवृत्ति लाभों के प्राधिकरण और CDA/IDA वेतनमान निर्धारण के लिए जिम्मेदार है। यह कार्यालय नियमित अंतराल पर पेंशन अदालतें भी आयोजित करता है ताकि पेंशनभोगियों की शिकायतों का त्वरित समाधान किया जा सके।
पेंशन योगदान और अवकाश वेतन (Leave Salary): यह कार्यालय BSNL में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कर्मचारियों के पेंशन योगदान और अवकाश वेतन के रूप में प्राप्त राशियों के संग्रह, जांच और निगरानी का कार्य करता है।
नई पेंशन योजना (NPS): 01.01.2004 या उसके बाद सरकारी सेवा में शामिल होने वाले कर्मचारियों के संबंध में नई पेंशन योजना का संचालन।
जीपीएफ और दीर्घकालिक ऋण: CCA झारखंड कार्यालय GPF के रखरखाव, दीर्घकालिक ऋणों/अग्रिमों और BSNL से उनकी वसूली एवं लेखांकन के लिए जिम्मेदार है।
लेखापरीक्षा कार्य (Audit): यह कार्यालय नामित बैंकों और डाकघरों द्वारा पेंशनभोगियों को किए गए भुगतान का पोस्ट-ऑडिट करता है।
आंतरिक लेखा परीक्षा: दूरसंचार विभाग (DoT) मुख्यालय द्वारा CCA कार्यालय को झारखंड सर्कल के भीतर 'टर्म सेल' और WMS इकाइयों सहित विभिन्न इकाइयों की आंतरिक लेखा परीक्षा करने का कार्य सौंपा गया है।
पेंशन संवितरण (SAMPANN): पेंशनभोगियों की समस्याओं के समाधान के लिए विभाग ने 'संपन्न' (SAMPANN) नामक एक एकीकृत सॉफ्टवेयर-आधारित प्रणाली लागू की है। यह एक ही मंच पर पेंशन प्रोसेसिंग, मंजूरी और भुगतान को एकीकृत करता है, जिससे पेंशन सीधे लाभार्थियों के खातों में जमा की जा सके।