यूएसओ
| क्रम संख्या | DBN परियोजना का नाम | समझौता संख्या एवं दिनांक | योजना/ परियोजना का उद्देश्य | परियोजना प्रारंभ दिनांक | परियोजना अवधि | परियोजना पूर्णता दिनांक | राजस्थान में साइटों का लक्ष्य | 31.03.2026 तक राजस्थान में कमीशन की गई साइटों की कुल संख्या |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | संशोधित भारतनेट (ABP) |
30-708/USOF/BharatNet/ABP-1 दिनांक 24.01.2024 |
ABP, संशोधित भारतनेट योजना है, जिसका उद्देश्य भारतनेट के दायरे को सभी 6.4 लाख आबाद ग्राम पंचायतों (GPs)/गांवों तक विस्तारित करना है। इस परियोजना को 28 राज्यों और 6 केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जाना है। इसमें भारतनेट फेज- I एवं फेज-II के मौजूदा नेटवर्क का उन्नयन, बिना कनेक्टिविटी वाले ग्राम पंचायतों (GPs) में नेटवर्क का निर्माण तथा 10 वर्षों के लिए संचालन एवं रखरखाव (O&M) शामिल है। ABP के अंतर्गत, अन्य प्रावधानों के साथ-साथ, सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 1.5 करोड़ ग्रामीण घरेलू फाइबर कनेक्शन उपलब्ध कराने का प्रावधान है, जिसमें विद्यालयों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनवाड़ी केंद्रों, पंचायत कार्यालयों आदि सहित सरकारी संस्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी। | 24.01.2024 | प्रारंभ दिनांक से 10 वर्ष | 23.01.2034 | 14,000 (राजस्थान की सभी ग्राम पंचायतें) | 8746 |
| 2 | बिना कनेक्टिवि टी वाले गांवों में 4G मोबाइल कवरेज का संतृप्तिकर ण | 30- 231/2023/ DoT/USOF दिनांक 06.02.202 3 | देशभर में बिना कनेक्टिविटी वाले गांवों में नए 4G मोबाइल टावर स्थापित करके 4G मोबाइल सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रावधान। मौजूदा BSNL/अन्य TSP टावरों से केवल 2G/3G सेवाएं प्राप्त करने वाले गांवों में BSNL टावरों के उन्नयन अथवा अन्य TSP स्थानों पर नए टावर स्थापित करके 4G मोबाइल सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रावधान। | 06.02.2023 | 6 वर्ष एवं 330 दिन (रोलआउट के लिए 695 दिन तथा O&M के लिए 5 वर्ष) | 01.02.2030 | 1357 | 1,130 ऑन-एयर (e- Mulyankan में रिपोर्ट के अनुसार) |
| 3 | 354 बिना कनेक्टिवि टी वाले गांवों में मोबाइल सेवाओं का प्रावधान | USOF/SP/ 354Uncov ered/2018 -19 दिनांक 28.04.202 0 | योजना का उद्देश्य DBN निधि से वित्तीय सहायता प्रदान करके 354 बिना कनेक्टिविटी वाले गांवों की परियोजना के अंतर्गत ऐसे गांवों में मोबाइल कवरेज एवं दूरसंचार सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि गांव के संपूर्ण भौगोलिक क्षेत्र में सेवाएं उपलब्ध हो सकें। | 31.12.2024 | 12 साल और सात महीने | 30.12.2029 | 35 | 30 |
| 4 | आकांक्षी जिलों के चिन्हित बिना कनेक्टिवि टी वाले गांवों में 4G आधारित मोबाइल सेवाओं का प्रावधान – आकांक्षी जिलों के 502 बिना कनेक्टिवि टी वाले गांव | USOF/Asp irational Districts/1 /Rajastha n/2020 दिनांक 22.03.202 1 | योजना का उद्देश्य राजस्थान राज्य के आकांक्षी जिलों में चिन्हित बिना कनेक्टिविटी वाले गांवों में 4G आधारित मोबाइल सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 5 वर्ष की अवधि हेतु DBN निधि से वित्तीय सहायता प्रदान करना है। | 21.12.2025 | 57 माह (रोलआउट अवधि) + 10 वर्ष | 20.12.2030 | 62 | 59 |
डिजिटल भारत निधि (DBN) एवं संचार लेखा नियंत्रक (CCA) की भूमिकाएँ एवं उत्तरदायित्व
1. परिचय
डिजिटल भारत निधि (Digital Bharat Nidhi – DBN), जिसे पूर्व में सार्वभौमिक सेवा दायित्व निधि (Universal Service Obligation Fund – USOF) के नाम से जाना जाता था, भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications – DoT) की एक पहल है। इसका उद्देश्य ग्रामीण, दूरस्थ एवं दूरसंचार सेवाओं से वंचित क्षेत्रों में दूरसंचार कनेक्टिविटी का विस्तार करना है। संचार लेखा नियंत्रक (Controller of Communication Accounts – CCA) कार्यालय DBN परियोजनाओं के क्षेत्रीय स्तर पर कार्यान्वयन एवं निगरानी हेतु महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
2. डिजिटल भारत निधि (DBN) की भूमिकाएँ एवं उत्तरदायित्व
2.1 नीति निर्माण एवं योजना/स्कीम तैयार करना
- DBN परियोजनाओं/योजनाओं के लिए नीतियाँ तैयार करना तथा योजनाओं का प्रारूप तैयार करना।
- निविदा प्रक्रियाएँ निर्धारित करना तथा कार्यान्वयन एजेंसियों का चयन करना।
- तकनीकी, वित्तीय एवं परिचालन संबंधी दिशा-निर्देश निर्धारित करना।
2.2 वित्त पोषण एवं सब्सिडी प्रबंधन
- ग्रामीण क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाओं को व्यवहार्य बनाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना।
- सब्सिडी की संरचना, राशि तथा वितरण/भुगतान की समय-सारणी निर्धारित करना।
- कार्यान्वयन एजेंसियों को निधियों का समय पर निर्गमन सुनिश्चित करना।
2.3 अनुबंध एवं कार्यान्वयन की निगरानी
- दूरसंचार सेवा प्रदाताओं तथा अन्य कार्यान्वयन एजेंसियों के साथ समझौते करना।
- नियम एवं शर्तें, परिसंपत्तियों का स्वामित्व तथा रिपोर्टिंग संबंधी आवश्यकताएँ निर्धारित करना।
- व्यापक/केंद्रीय स्तर पर परियोजनाओं के कार्यान्वयन की निगरानी करना।
2.4 निगरानी एवं मूल्यांकन
- DBN परियोजनाओं की समग्र निगरानी करना।
- परियोजनाओं की प्रगति पर निगरानी रखने के लिए तृतीय-पक्ष एजेंसियों एवं डिजिटल उपकरणों का उपयोग करना।
- मध्यावधि समीक्षा एवं प्रभाव मूल्यांकन करना।
2.5 रणनीतिक एवं विकासात्मक कार्य
- सार्वभौमिक दूरसंचार पहुंच को बढ़ावा देना तथा डिजिटल विभाजन को कम करना।
- नई प्रौद्योगिकियों एवं नवाचार को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना।
- उद्योग एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं सहित विभिन्न हितधारकों के साथ सहयोग करना।
2.6 कार्यान्वयन के पश्चात समीक्षा
- परियोजना पूर्ण होने के बाद ऑडिट एवं मूल्यांकन करना।
- सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों (Best Practices) का विकास करना तथा प्रक्रियाओं का मानकीकरण करना।
3. संचार लेखा नियंत्रक (CCA) कार्यालयों की भूमिकाएँ एवं उत्तरदायित्व
3.1 नामित निगरानी एजेंसी (Designated Monitoring Agency – DMA)
- DBN योजनाओं के लिए नामित निगरानी एजेंसी (DMA) के रूप में कार्य करना।
- समझौतों एवं निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार परियोजनाओं का कार्यान्वयन सुनिश्चित करना।
3.2 वित्तीय भुगतान एवं दावों का प्रबंधन
- सेवा प्रदाताओं द्वारा प्रस्तुत सब्सिडी दावों की प्रक्रिया एवं सत्यापन करना।
- भुगतान जारी करने से पहले निर्धारित नियमों एवं शर्तों के अनुपालन को सुनिश्चित करना।
- वित्तीय अभिलेखों एवं लेखों का रखरखाव करना।
3.3 क्षेत्रीय सत्यापन एवं निरीक्षण
- टावर, ऑप्टिकल फाइबर आदि जैसी दूरसंचार अवसंरचना का भौतिक सत्यापन करना।
- लक्षित क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाओं की उपलब्धता/प्रदान किए जाने की पुष्टि करना।
3.4 निगरानी एवं अनुपालन
- DBN के दिशा-निर्देशों एवं संविदात्मक शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करना।
- कमियों/विसंगतियों तथा परियोजना की प्रगति की रिपोर्ट DBN के संबंधित अधिकारियों को प्रस्तुत करना।
3.5 कार्यान्वयन के पश्चात समीक्षा
- परियोजना पूर्ण होने के बाद क्षेत्रीय स्तर पर मूल्यांकन करना।
- भविष्य की योजनाओं में सुधार हेतु आवश्यक फीडबैक/प्रतिक्रिया प्रदान करना।
3.6 डेटा प्रबंधन एवं रिपोर्टिंग
- परियोजना एवं वित्तीय अभिलेखों का विस्तृत रूप से रखरखाव करना।
- DBN/DoT को समय-समय पर निर्धारित रिपोर्ट प्रस्तुत करना।
4. DBN एवं CCA कार्यालयों के बीच संबंध
DBN – केंद्रीय प्राधिकरण (Central Authority):
- नीति निर्माण।
- वित्त पोषण।
- परियोजनाओं का समग्र पर्यवेक्षण एवं निगरानी।
CCA कार्यालय – क्षेत्रीय प्राधिकरण (Field Authority):
- क्षेत्रीय स्तर पर सत्यापन।
- परियोजनाओं की निगरानी।
- जमीनी स्तर पर वित्तीय भुगतान/निधि वितरण संबंधी कार्यवाही।
सी.जी.सी.ए को लौटें
