महानियंत्रक संचार लेखा की कलम से

श्रीमती वंदना गुप्ता (सीजीसीए)

माननीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत सरकार “न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन” की परिकल्पना को आगे बढ़ाते हुए पारदर्शी, कागजरहित एवं प्रौद्योगिकी आधारित जनसेवाओं को बढ़ावा दे रही है। इसी परिप्रेक्ष्य में, नियंत्रक जनरल संचार लेखा (CGCA) का कार्यालय दूरसंचार विभाग (DoT) को एक नीति-केंद्रित एवं डिजिटल रूप से सशक्त संगठन के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

आई.पी.&टी.ए.एफ.एस. (IP&T AFS) संवर्ग में शीर्ष स्तर के पद के रूप में स्थापित सीजीसीए देशभर में स्थित 28 क्षेत्रीय इकाइयों के कार्यों का पर्यवेक्षण एवं समन्वय करता है तथा आंतरिक लेखा परीक्षा एवं समूह ‘ग’ संवर्ग के प्रबंधन के लिए भी उत्तरदायी है।

हमारी जिम्मेदारियों में भारत सरकार को देय 2427 दूरसंचार लाइसेंसों एवं प्राधिकरणों से प्राप्त राजस्व हिस्सेदारी के आकलन, संग्रहण, लेखांकन एवं प्रतिभूतिकरण की निगरानी तथा ₹8828.70 करोड़ की बैंक गारंटियों का प्रबंधन भी शामिल है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप दूरसंचार विभाग (DoT) भारत सरकार के गैर-कर राजस्व में प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में उभरा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में दूरसंचार राजस्व संग्रहण के अंतर्गत लाइसेंस शुल्क (LF) से ₹36,138 करोड़, स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क (SUC) से ₹8,537 करोड़ तथा स्पेक्ट्रम नीलामी से संबंधित राजस्व के रूप में ₹1,44,407 करोड़ प्राप्त हुए हैं।

इसके अतिरिक्त, सीजीसीए कार्यालय डीबीएन (DBN) योजनाओं के कार्यान्वयन की निगरानी करता है, जिनकी कुल प्रतिबद्ध देयता ₹1.86 लाख करोड़ है। यह ‘बीएनयू एफटीटीएच उपयोग योजना’ (BNU FTTH Utilization Scheme) के लिए भुगतान प्राधिकरण के रूप में भी कार्य करता है, जिसका उद्देश्य 1.5 करोड़ ग्रामीण परिवारों को फाइबर-टू-द-होम (FTTH) कनेक्टिविटी प्रदान करना है।

सीजीसीए कार्यालय की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक दूरसंचार विभाग (DoT), बीएसएनएल (BSNL), एमटीएनएल (MTNL) तथा वीएसएनएल (VSNL) के लगभग 5 लाख पेंशनभोगियों को दूरसंचार पेंशन के रूप में सेवानिवृत्ति लाभों का समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करना है। यह भुगतान ऑनलाइन पेंशन प्रोसेसिंग प्रणाली ‘सम्पन्न (SAMPANN)’ के माध्यम से किया जाता है और आने वाले वर्षों में इस संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। डिजिटल सुधारों, सरलीकृत प्रक्रियाओं तथा सुदृढ़ निगरानी के माध्यम से हम विलंब, मैनुअल प्रक्रियाओं, मिलान (Reconciliation) तथा शिकायत निवारण से संबंधित दीर्घकालिक चुनौतियों का समाधान निरंतर कर रहे हैं।

आगे बढ़ते हुए, सीजीसीए प्रौद्योगिकी के व्यापक उपयोग को सुदृढ़ करने, सेवा वितरण में सुधार लाने तथा सभी वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्यों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। निरंतर प्रयासों एवं सहयोग के माध्यम से हम दूरसंचार विभाग में प्रभावी शासन के उद्देश्य को सशक्त बनाने तथा भारत के तीव्र गति से विकसित हो रहे दूरसंचार परिदृश्य में योगदान देने का प्रयास करते रहेंगे।